आदित्यपुर : स्वदेशी जागरण मंच और श्रीनाथ विश्वविद्यालय आदित्यपुर के संयुक्त प्रयास से समृद्ध एवं महान भारत-2047 अभियान के तहत ग्रेजुएट छात्रों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वदेशी भावना जागृत करना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ना था. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संगठक सतीश कुमार ने छात्रों को रोजगार के पारंपरिक तरीकों से हटकर स्वरोजगार और उद्यमिता अपनाने की प्रेरणा दी.
10 फीसदी लोग ही सरकारी नौकरी में
केवल 10% छात्र सरकारी, अर्धसरकारी और निजी नौकरियों में जगह बना पाते हैं जबकि बाकी को व्यवसाय में उतरना पड़ता है. ऐसे में उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है. सतीश कुमार ने सफल उद्यमी बनने के लिए 5 महत्वपूर्ण मंत्र साझा किए. इसमें सीखते हुए कमाएं, नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, बड़ा सोचें, नया सोचें और लीक से हटकर सोचें, धैर्यवान, परिश्रमी, जोखिम लेने वाले, विश्वसनीय और तकनीकी प्रेमी बनें तथा राष्ट्र प्रथम और स्वदेशी जीवनशैली को अपनाने के मंत्र शामिल थे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने के लिए युवाओं को खुद को उद्यमिता के लिए तैयार करना होगा.
चीनी उत्पादों का करें बहिष्कार
सतीश कुमार ने भारतीय बाजार में चीनी उत्पादों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई और स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कई नीतिगत कदम उठाए हैं. धीरे-धीरे चीनी उत्पादों का प्रभाव कम हो रहा है लेकिन यह तभी पूरी तरह संभव होगा जब आम जनता भी इनका बहिष्कार करे.
स्वदेशी सप्ताह मनाने की जरूरत
उन्होंने सुझाव दिया कि 25 नवंबर से 2 अक्टूबर तक हर स्कूल और कॉलेज में स्वदेशी सप्ताह का आयोजन किया जाए. छात्रों में स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़े और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें. कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति सुखदेव महतो ने की. विशेष अतिथियों में खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्वी भारत के चेयरमैन मनोज सिंह, विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश सिंह, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संघर्षवाहिनी प्रमुख बंदे शंकर सिंह, क्षेत्रीय संयोजक अमरेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठक अजय उपाध्याय आदि मौजूद थे. इस दौरान 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया और उद्यमिता व स्वदेशी विचारधारा पर विस्तृत चर्चा की. कार्यक्रम के समापन में सभी प्रतिभागियों को स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर बनने की शपथ दिलाई गई.