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JAMSHEDPUR : झामुमो जमशेदपुर प्रखंड कमेटी के मुखिया बहादुर होंगे या किसी और को मिलेगा मौका, करनडीह में सम्मेलन के बहाने जुटान 29 मार्च को, उठा-पटक की पूरी तैयारी
जमशेदपुर : झारखंड मुक्ति मोर्चा जमशेदपुर प्रखंड कमेटी की कमान बहादुर किस्कू अध्यक्ष के रूप में कई बार संभाल चुके हैं, लेकिन इस बार इस चुनाव में भारी उठा-पटक होने के संकेत मिल रहे हैं. चुनाव में प्रबल दावेदार के रूप में झामुमो नेता मिथुन चक्रवर्ती और पलटन मुर्मू भी अपना भाग्य आजमाने की फिराक में हैं. मिथुन चक्रवर्ती की बात करें तो बहादुर किस्कू की कमेटी में पहले भी रह चुके हैं. इसी तरह से पलटन मुर्मू की बात करें तो वर्तमान में वे हितकू पंचायत से मुखिया हैं. वे दूसरी बार मुखिया की पारी खेल रहे हैं. इसके पहले वे प्रखंड कमेटी में सचिव भी रह चुके हैं, लेकिन इस बार वे अध्यक्ष बनने की पूरी जुगत लगा रहे हैं.
बहादुर किस्कू ने अपने बूते बनाई है पहचान
बागबेड़ा रानीडीह के रहने वाले झामुमो नेता बहादुर किस्कू की बात करें तो उन्होंने आंदोलन के बूते अपने दम पर पहचान बनाई है. झारखंड अलग राज्य बनने के बाद जब जमशेदपुर में पहली बार शिक्षक बहाली की परीक्षा हो रही थी. तब बहादुर किस्कू ने अपने दम पर अपनी टीम बनाकर करनडीह परीक्षा स्थल पर इसका भारी विरोध किया था. इस बीच तीर और गोलियां भी चली थी. तब बहादुर किस्कू पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे. उनकी रास्ते भर पुलिस वालों ने पिटाई की थी और परसुडीह थाने से जेल भेज दिया गया था. जमानत पर छूटने के बाद बहादुर किस्कू का स्वागत करने खुद पूर्व डिप्टी सीएम स्व. सुधीर महतो करनडीह पहुंचे थे और भव्य स्वागत किया था. इस बीच बहादुर किस्कू का कट-आउट लेकर भी स्वागत जुलूस निकाला गया था.
कौन हैं पलटन मुर्मू
पलटन मुर्मू की बात करें तो हितकू मेन रोड के रहने वाले हैं. झारखंड में 35 सालों के बाद जब पहली बार पंचायत चुनाव हुआ था तब उन्होंने हितकू पंचायत से अपना नोमिनेशन किया था. वे पहली बार में ही चुनाव जीत गए थे. इसके बाद से ही पलटन मुर्मू की पहचान बनने लगी. पांच सालों के बाद वे फिर से दूसरी बार मुखिया बने हैं.
पुराने नेता हैं मिथुन चक्रवर्ती
मिथुन चक्रवर्ती की बात करें तो वे परसुडीह ईलाके के ही रहने वाले हैं और पार्टी से कई दशकों से जुड़े हुए हैं. पूर्व में प्रखंड कमेटी में कई पदों पर अपनी सेवा भी दे चुके हैं. गरम दल के नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले मिथुन चक्रवर्ती इस बार हार हाल में चुनाव जितने की फिराक में हैं. वे अपनी बिसात भी बिछा चुके हैं.
इसके अलावे भी कई हैं रेस में
प्रखंड अध्यक्ष, सचिव व अन्य पदों का चुनाव लड़ने के लिए अन्य कई नेता भी रेस में हैं. जिनसे बात करिए उनका यही कहना है कि उन्हें भी मौका मिलना चाहिए.