चाईबासा : मध्यान्ह भोजन खाने से एक स्कूली बच्चे की हुई मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा नोवामुंडी के जेटिया नवागांव प्राथमिक विद्यालय पहुंचे. यहां पर स्कूल को देखा और पानी की भी जांच की. निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्कूल जर्जर है. स्कूल भवन की मरम्मत की जरूरत है. फर्श टूटा हुआ था. गेट की दीवार गिरने वाली है. स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है.
फेल है सरकार का शिक्षा तंत्र
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी यह दर्शाती है कि शिक्षा विभाग पूरी तरह से फेल और लापरवाह है. विद्यालय निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों की अनदेखी से बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है. सरकार को चाहिए कि प्राथमिक और ग्रामीण विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित मध्यान्ह भोजन और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे. मध्यान्ह भोजन से बच्चे की मौत मामले में राज्य सरकार जिम्मेवार है.
बीमार बच्चों का हालचाल जाना
मधु और गीता कोड़ा जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और टाटा स्टील अस्पताल पहुंचे. यहां पर इलाजरत बच्चों और उनके परिजनों से जानकारी ली और हर संभव सहायता का भी आश्वासन दिया.
राज्य सरकार ठोस कदम उठाए- गीता कोड़ा
पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि झारखंड में बार-बार बच्चों के मध्यान्ह भोजन से बीमार होने की घटनाएं सामने आ रही हैं. स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है. पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. राज्य सरकार को केवल घोषणाएं करने की बजाय जमीनी हकीकत सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. राज्य सरकार से विद्यालयों की जल्द से जल्द मरम्मत, शिक्षकों की नियुक्ति और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी की मांग की.
साथ में ये भी थे मौजूद
निरीक्षण के दौरान प्रखंड अध्यक्ष चंद्र मोहन गोप, विनीत कुमार गोप, सनातन गोप, राजू गोप, राणा बॉस, लालमोहन दास, चंचल यादव, बसंत गोप, जय गुरुम, नागराज नाग, बलिजोर पंचायत मुखिया रवि सामड, पहाड़ सिंह, शैलेंद्र लागुरी, प्रफुल्ल गोप आदि भी मौजूद थे.